
संवेदनशील इलाकों की पहचान के निर्देश, मतदान तिथियों से पहले ही CAPF उतारेगा चुनाव आयोग
कोलकाता। चुनाव आयोग ने इस वर्ष होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। आयोग ने राज्य पुलिस को मार्च के दूसरे सप्ताह तक संवेदनशील और अति संवेदनशील इलाकों की पहचान करने के निर्देश दिए हैं। इन्हीं क्षेत्रों के आधार पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की तैनाती की योजना बनाई जाएगी।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदान तिथियों की घोषणा और आचार संहिता लागू होने से पहले ही केंद्रीय बलों की तैनाती कर दी जाएगी, ताकि चुनाव से पहले ही सुरक्षा का मजबूत माहौल बनाया जा सके।
दो चरणों में 480 कंपनियों की तैनाती
आयोग ने कुल 480 कंपनियां भेजने का निर्णय लिया है।
पहला चरण – 1 मार्च
- 110 कंपनियां सीआरपीएफ
- 55 कंपनियां बीएसएफ
- 21 कंपनियां सीआईएसएफ
- 27 कंपनियां आईटीबीपी
- 27 कंपनियां एसएसबी
दूसरा चरण – 10 मार्च
- 120 कंपनियां सीआरपीएफ
- 65 कंपनियां बीएसएफ
- 16 कंपनियां सीआईएसएफ
- 20 कंपनियां आईटीबीपी
- 19 कंपनियां एसएसबी
कुल मिलाकर 480 कंपनियां राज्य के विभिन्न हिस्सों में तैनात की जाएंगी।
संवेदनशील इलाकों पर विशेष फोकस
आयोग ने राज्य पुलिस को निर्देश दिया है कि पिछले चुनावों में जहां हिंसा या तनाव की घटनाएं हुई थीं, उन क्षेत्रों की सूची प्राथमिकता से तैयार की जाए। केंद्रीय पर्यवेक्षकों को रोजाना रिपोर्ट आयोग को भेजने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
समन्वय की जिम्मेदारी सीआरपीएफ को
बलों की तैनाती और आवाजाही का समन्वय सीआरपीएफ करेगी। राज्य सरकार को केंद्रीय बलों के साथ मिलकर विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है। बलों को केवल तैनात ही नहीं रखा जाएगा, बल्कि फ्लैग मार्च और एरिया डोमिनेशन जैसे कदम भी उठाए जाएंगे।
निष्पक्ष चुनाव के लिए सख्त रणनीति
चुनाव आयोग का कहना है कि निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए मतदान की घोषणा से पहले ही सुरक्षा व्यवस्था को जमीन पर उतारा जा रहा है। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त निर्णय भी लिए जा सकते हैं।




